उझानी ब्लॉक की गोशालाओं में सरकारी दावों की पोल, ठंड में ठिठुर रहे गोवंश, एक की मौत
उझानी (बदायूं)।
कड़ाके की ठंड में निराश्रित गोवंशों की सुरक्षा और देखभाल को लेकर सरकारी दावों की हकीकत उझानी ब्लॉक की गोशालाओं में साफ दिखाई दे रही है। सर्दी से बचाव के पुख्ता इंतजाम नहीं, पोषण के नाम पर केवल सूखा भूसा और इलाज में लापरवाही—इन हालातों में गोवंश ठिठुरने को मजबूर हैं। कहीं गोवंश बीमार हालत में जमीन पर पड़े हैं तो कहीं उनकी मौत तक हो चुकी है। हमारी टीम ने ब्लॉक क्षेत्र की चार गोशालाओं की पड़ताल की, जिसमें सरकारी व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई।
मलिकपुर: 120 गोवंश, इंतजाम नाकाफी
ब्लॉक क्षेत्र के गांव मलिकपुर की गोशाला आकार में बड़ी है और यहां करीब 120 गोवंश रखे गए हैं। ठंड से बचाव के लिए टिनशेड, पांच-छह फीट ऊंची दीवारें और काली पन्नी लगाई गई है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या के लिए ये इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। गोवंशों को खाने के लिए केवल सूखा भूसा दिया जा रहा है।
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