उझानी क्षेत्र के ग्राम पंचायत मलिकपुर स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र में अव्यवस्थाओं को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गौशाला में इस समय 160 से अधिक गौवंश मौजूद हैं, लेकिन चारे के नाम पर केवल सूखा भूसा दिए जाने से पशुओं की हालत लगातार कमजोर होती जा रही है। कई गायों के शरीर पर खुले घाव हैं, जिनसे दुर्गन्ध फैलने की भी शिकायत है।
रविवार को उस समय विवाद बढ़ गया, जब एनजीओ संचालक अरुण शर्मा बेसहारा गौवंश को लेकर गौशाला पहुंचे। इस दौरान ग्राम प्रधान मनोज कुमार और उनके समर्थकों ने इसका विरोध किया, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस हुई।
दरअसल, एक सप्ताह पहले ही मलिकपुर गौशाला के संचालन की जिम्मेदारी उझानी की संस्था “गौमाता सेवाजन समाज कल्याण” को सौंपी गई थी, ताकि छुट्टा गोवंश का संरक्षण बेहतर तरीके से किया जा सके।
ग्राम प्रधान मनोज कुमार का आरोप है कि संस्था संचालक लगातार नए गौवंश ला रहे हैं, जबकि अभी तक हरे चारे की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। उनका कहना है कि चारे की कमी के बावजूद संख्या बढ़ाना गलत है। उन्होंने यह भी बताया कि शनिवार को दो गौवंश की मौत हो चुकी है।
वहीं, एनजीओ संचालक अरुण शर्मा और उनके साथी नवनीत का कहना है कि उन्हें गौशाला की पूरी जिम्मेदारी अभी तक औपचारिक रूप से नहीं सौंपी गई है। उनका दावा है कि शनिवार को जिन दो गौवंश की मौत हुई, वे उनके द्वारा लाए गए नहीं थे, बल्कि पहले से ही बीमार थे। उन्होंने यह भी बताया कि गौशाला परिसर में ही मृत गायों को दफनाया गया है, जो पहले भी होता रहा है।
संचालक का कहना है कि हरे चारे का ऑर्डर दिया जा चुका है और जल्द ही इसकी आपूर्ति हो जाएगी।

स्थिति तनावपूर्ण, प्रशासन की निगरानी जरूरी
गौवंश की खराब हालत और दोनों पक्षों के बीच विवाद को देखते हुए स्थानीय प्रशासन की निगरानी और हस्तक्षेप जरूरी माना जा रहा है, ताकि गौशाला की व्यवस्था सुधारी जा सके और पशुओं को उचित देखभाल हो सके
बही हालत जब खराव हुए जब एन जी ओ संचालक अरुण शर्मा सुबह पांच गौबंश पहले गौशाला में दे गये और शाम को पांच और गोऊ बंश लेकर आये तब बहा पर एकत्र ग्रामीण और प्रधान मनोज ने इसका विरोध किया प्रधान मनोज ने कहा की इस गौशाला में १६० गौवंश पहले से मौजूद है पहले आप इसका राशन लाकर रखे तब आप गौवंश की संख्या बडाये बही एन जिओ संचालक अरुण शर्मा का कहना था की आज ही गौशाला को हमने लिया है और शाम तक सब इंतजाम हो जायेगा|