उझानी (बदायूं)। उझानी ब्लॉक के गांव बुटला दौलत के मजरा जनुईया में मनरेगा योजना के तहत किए गए कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि कागजों में तालाब निर्माण और जीर्णोद्धार दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है।
मनरेगा की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में तालाब की खुदाई और मरम्मत के नाम पर 1 लाख 98 हजार 606 रुपये और 48 हजार 111 रुपये, यानी कुल करीब 2 लाख 46 हजार रुपये से अधिक की राशि निकाली गई। हैरानी की बात यह है कि इन कार्यों से संबंधित कोई भी फोटो पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई है।
मौके पर जाकर देखने पर तालाब की जगह करीब 20 फुट गहरा गड्ढा मिला, जिसमें न पानी है, न समतलीकरण और न ही तालाब जैसी कोई संरचना दिखाई देती है। वर्तमान में उस स्थान पर घास उग आई है और ग्रामीण वहां उपले तक थोप रहे हैं।

ग्रामीण राजवीर ने आरोप लगाया कि स्कूल की जमीन पर तालाब निर्माण के नाम पर खुदाई कर मिट्टी को बेच दिया गया। साथ ही उसके निजी खेत से भी मिट्टी निकाली गई, जिससे उसकी खेती प्रभावित हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित की जाए। वहीं, प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।